Lower back pain के कारण ओरआयुर्वेद, homopathy तथा योग की उपचार पद्धति

मित्रों कमर दर्द(lower back pain ) एक ऐसी समस्या है जिससे लगभग भारत की 50 % आबादी त्रस्  है  महियाओ मे यह प्रमाण ओर भी अधिक है लगभग हर महिला इस दर्द से त्रस्त होती ही है। साधारण सा दिखने वाला कमर दर्द (kamar dard ).कभी कभी असहाय ओर विक्राल रूप  लेता है जिससे आदमी का चलना फिरना तो छोड़िए बेड से उठ पाना भी मुश्किल होजता है ।   जीसे डॉक्टर radiculopathy, sciatica या फिर pinch of  nerve नसों का दबना  कहते है । आज हम इस आर्टिकल मे कमर दर्द से जुड़े सारे रोग का कारण एवम  उपचार पद्धति जानेंगे .

 अमेरिका से सामने आये  कुछ सर्वेसक्षण  मे यह बताया गया है की कोविड 19 के बाद कोविड से ठीक हुए मरीजों मे  रीढ़ की हड्डी (spine )  की समस्या  एवम neuropathy की समस्या देखि गई है।

 इसकी असल वजह तो सामने   नहीं आयी है लेकिन माना जा रहा है की वायरस के प्रभाव से सरीर एवम रीढ़ की हड्डी spine कमजोरी का शिकार होते है जिसके प्रभाव से नर्व भी कमजोर पद जाती है । ओर कमर दर्द गर्दन दर्द या फिर हात  पैरों की तरफ दर्द का बढ़ना ऐसे समस्या covid 19 के बाद ठीक हुए मरीजों मे  देखे गए है । जीसे  radiculopathy कहते है ।  जीसे  हम विस्तार से आगे जानेंगे ।

 

Table of Contents

क्या होती है रीढ़ की हड्डी (Definition of spine )

spine

रीढ़ spine  हमारे  शरीर की केन्द्रीय सह्यता संचरना है । यह हमारे पूरे शरीर को सीधा रखता है ओर हमारे कंकाल के विभिन्न हिस्सों  को एक दूसरे से जोड़ता है ।  जैसे की हमारे सिर, छाती, श्रोणि ,कंधे , हात ओर पैर।  यानि सीधी भाषा  मे कहे तो रीढ़ हमारे शरीर का वो पेड़ है जिससे हमारे शरीर के विभिन्न अंग मानो शख की तरह जुड़े होते है ।रीढ़ की हड्डी तीन चीजों से बनी होती है।

1Bone हड्डी    2. Muscles मासपेशिया  3. Nerve तांत्रिक

पूरी रीढ़ की हड्डी (spine ) मे लगभग 33 हड्डीया डिस्कस  की आकार मे होती है जीसे vertebrae कहा जाता है   ओर spine  कुल 5  भागों मे बटा  हुआ होता है

रीढ़ के हड्डी के  5  भाग

1 cervical region :

इसे हम सरल  हिदी मे समझे तो यह गर्दन का भाग होता है जो spinal cord मेरुदंड या छोटे दिमाग से लेकर हमारे  shoulder यानि कंधे तक होते है ।  इसमे कुल  7 vertebrae  होते है । (c 1 -c 7 )  सरल भाषा मे समझे तो यह दिमाग का ही हिस्सा होता है ओर इस मे लगी कोई भी चोट या दर्द  खतरनाक साबित हो सकता है

2 thoracic  region

यह छाती  का पिछला हिस्सा होता है इसमे 12 vertebrae होते है  T1 -T12 यह C आकार का भाग होता है जो पीठ को आगे पीछे करने का काम करता है ।

3 Lumber region

यानि की कमर इसमे 5 vertebrae होते है L1 -L5 इसे ओर यह सबसे महत्वपूर्ण भाग है कुयँकी यह स्पाइन ओर शरीर के ऊपरी भाग का पूरा वजन झेलता है ओर शरीर के ऊपर के भाग तथा नीचे के भाग  को जोड़ता है आप जब भी कोई वजन उठाते है तो उस वजन का पूरा भार  इसी भाग पे आता है ओर यही हिस्सा जादा चोटिल होता  है खास करके हमारी माता ओर बहनों का जो घेरलु व्यस्त कामों मे होती है

आज हम आगे विस्तार से इसी  भाग के दर्द ओर इलाज के बारे मे जानेंगे ।

4 sacrum region इस मे S1-S5 vertebrae  होते है ओर इसे हिप  रीजन कहा जाता है ।

5  coccyx इसे tail  bone कहा जाता है ओर इस मे 4 vertebrae  होते है

रीढ़  की हड्डी एक लोचदार स्नायु बंद है ओर उसमे डिस्क होने के कारण यह लचीला होता है जिससे हमारे शरीर की पूरी हलचल निर्भर होती है । इससे आप को यह पाता चलता है की शरीर की पूरी मूवमेंट यानि हालचल मे रीढ़ का महत्व सबसे अधिक होता है ओर स्वाभाविक रूप से इसका कार्य भी अधिक होता है। अब यह बात भी तय है जो अधिक काम करेगा वो थकेगा भी जल्दी ओर लम या गलत तरीके से काम (wrong posture ) करेगा वो भी कुछ तांत्रिक खराबी का शिकार भी होगा ।

Lumber region कमर के दर्द के (lower back) प्रकार  ओर कारण

कमर के दर्द के दो मुख्य प्रकार है एक जीसे acute lower back pain  कहा जाता है।  यह अचानक उठने वाला तीव्र दर्द होता है इसका मुख्य कारण अचानक से कोई अधिक वजन उठा लेना  या कोई चोट, मस्पेशियों मे खिचाव गलत अवस्था मे चलन, सोना यह होते है । इस प्रकार मे अधिक ओर अचानक वेदना होती  है लेकिन राहत की बात यह है की यह दर्द 2-3  दिनों मे बिना दवा लिए ठीक भी  होता है या फिर कभी कभी मामूली pain किलर लेनी पड़ती है ।

जब यह acute lower back pain बार बार होने लगता है तब समझ लीजिए की खतरे की घंटी बज  चुकी है ओर आप chronic lower  back pain की तरफ बढ़ रहे है जिस मे कमर  या रीढ़  से जुड़ी  हुई  अनेक बीमारी  या दर्द  के प्रकार होते है

chronic lower  back pain

कमर की कई अलग अलग बीमारियों को chronic lower  back pain  कहते है । जिस कमर दर्द नसों nerve  का दब  जाना कमर से लेके पैर के अनूठे तक दर्द जाना  झन झन महसूस होना ( tingling ) यह chronic lower  back pain मे आता है ओर जीसे lumber  radiculopathy  कहते है । इस मे कई सारी अलग अलग रीढ़ की बीमारी है  जैसे slip disc  , spinal herniation, sciatica etc ओर उसके  अलग अलग कारण है ।

शरीर कैल्सीअम calcium की  की मात्रा  कम  होना  यह एक कारण स्त्री  ओर  पुरुषों मे कमर  दर्द  का देखा गया  है

पुरषो मे एक विशेष कमर दर्द का कारण यह देखा गया  है जो पुरुष HLA B 21 पाज़िटिव  रहते  है उनको कमर दर्द की समस्या  होती है ओर लंबे  समय तक  रहती है।

इसके अलावा लंबे  समय तक  बाइक  चलना, गलत  अवस्था  मे  या पीठ  के  बल सोने  से  spine अपने नैच्रल आकार  मे नहीं रहता ओर कमर दर्द का कारण बनता है ।

आती मद्यपान भी  कमर दर्द ओर नर्व  के दबने का प्रमुख  कारण  माना  जाता  है

महिलाओ  मे ( lower back pain ) कमर  दर्द  के कुछ विशेष  कारण

1 महिला ओ मे  leucorrhoea धाद  की समस्या जिन्हे रहते है उन्हे कमर दर्द भी लंबे समय रहता है लगभग उन्हे हर शाम कमर दर्द रहता ही है ओर यह एक प्रमुख  कमर दर्द  का कारण  महिलाओ मे देखा गया है ।

2 महिलाओ मे  osteoporosis ऑस्टियोपोरोसिस  जीसे हिन्दी मे  अस्थिसुषिरता  कहा  जाता है  जिस मे हड्डी मे खनिज घनत्व कम हो जाता है ओर रीढ़ की हड्डी पतली हो जाती है इस कारण  लंबे समय तक कमर दर्द रहता है ।

 3 महिलाओ मे  आस्टीओआर्थ्राइटिस यह कारण भी कमर दर्द मे देखा गया है । इस अवस्था मे रीढ़ के हड्डी के बोन डिस्क  एक दूसरे से सट  जाती है  ओर बहोत ही तेज कमर दर्द रहता है।   आस्टीओआर्थ्राइटिस पुरुषों मे भी कमर दर्द का एक प्रमुक कारण है।

 महिलाओ मे  मासिक धर्म ( during menstrual cycle/ menstruation periods)  कमर दर्द होता ही है ।  यह कभी कम   जादा  हो सकता है  इसका प्रमुख कारण पेरिडस के दौरान  हॉर्मोन का परीवर्तन  hormonal changed or  released होता  है ओर यह  पीठ के निचले हिस्से  की मस्पेशियों  को  प्रभावित  करता  है ।

 

 

कमर दर्द (lower back pain) के अलग अलग प्रकार एवम कारण

1) lumber spondylosis  :  इस कमर रोग की अवस्था मे रीढ़ की हड्डी मे या डिस्कस मे  दरार पड़ने से होने वाला दर्द आता है बहोत से लोगों मे यह acute दर्द रहता है जो की कुछ दिन  के आराम के बाद ठीक होताहै      मगर  कभी कभी रीढ़ मे पड़ी दरार गंभीर हो जाती है ओर दर्द भी बीमारी का रूप प्राप्त कर लेता है । इसके परमुख कारण लंबे समय के किए बाइक चलना लंबे समय तक बैठना होता है ।

2)  slip  disc : इस अवस्था मे रीढ़  की हड्डी से  डिस्क  बाहर  निकल आती  है ओर  जिस के कारण  कमर दर्द होता  है । स्लिप डिस्क  रीढ़  मे कही  भी हो सकती  है  लेकिन lumber यानि  कमर  मे l 4- l 5  ओर  ओर  l 5 s 1  के बीच  के दो  डिस्क बहोत  कॉमन  है  ओर  lumber मे L5 _S1 slip डिस्क बहोत  घातक होती  है ।

स्लिप डिस्क पुरुष एवम महिला  मे कॉमन  कमर  दर्द  कारण  है ओर इस मे दर्द  इतना  रहता है की ई चलने भी भी बहोत  तकलीफ  होती  है

3 ) spinal disc herniation  ; इस अवस्था ने डिस्कस से एक छोटा सा  टुकड़ा टूट जाना या फिर क्रैक या दरार  पड़ने  उठ ने वाला तेज  दर्द होता  है

4) sciatica  यह  स्लीप  डिस्क  का  ही प्रकार  है  लेकिन इस  मे discs  जो  बाहर  आती  है वो  नर्व  को  दबाने लगती  है ओर  ऐसे मे  जहा से sciatica नर्व  गुजरती है  उन सभी जगह  दर्द  तो  होता ही है साथ  झन झनाहट  महसूस  होना  कमर  से लेके  पैर  की उंगली  तक  एक तेज  दर्द  का बहाव होता है  ।  कई  बार  पैर मे झटका  महसूस  होना  तथा चलने मे बेहद दिक्कत  आना यह  भी देखा गया है  ।

अत्यंत  गंभीर अवस्था मे खास  कर L5 S1स्लिप डिक्स से जादा मूत्र विसर्जन ओर मूत्र विसर्जन मे नियंत्रण नहीं रहना जैसे समस्या  होती है ओर सिर्फ इसी अवस्था मे oration की जरुरत होती है बाकी सभी दर्द कितने भी तेज हो वो ठीक होते ही है

 

 

कमर दर्द की उपचार पद्धतीत (treatment for lower back pain )

मित्रों कमर दर्द की उपचार पद्धति मे खास कर homeopathy ओर आयुर्वेद से जुड़ी हुई उपचार पद्धति अधिक प्रभावी रहती है । ओर इसका सम्पूर्ण समाधान  योग ही है चाहे  आप योग करे या physiotherapy।

आलोपथी allopathy  मे बहोत मे कमरदर्द का कभी भी पूरा समाधान नहीं है डॉक्टर आप को कुछ दिन की पैन किलर देंगे 21 दिन का बेड रेस्ट जो की लेना चहए मगर इस से अगर दर्द ठीक न हुआ तो oration जो की आखरी विकल्प होना चाहिए ।

घर वाले नुसके को न आजमाए  : मित्रों आप को यू ट्यूब पे लाखों विडिओ मिलजाएंगे  आदरक से कमर दर्द ठीक लसुन खाने से कमर दर्द ठीक , कमर  दर्द तो छोड़िए आप ऐसे किसी भी नुसके का इलाज किसी भी बीमारी मे न करे इसका महत्वपूर्ण   कारण यह है की  आज हम जो भी धान  या अनाज  खाते  है वो बना ही  होता है pesticide के छिड़काव  से  एक जमाना था जब  प्राकृतिक  खाद  से अनाज  उगता था तब यह नुसके काम करते थे  आज के समय मे नहीं 

 

 

कमर दर्द  मे होमोपथिक  उपचार  पद्धति homeopathic treatment in lower back pain  

मित्रों homeopathic उपचार  उपचार पद्धति को किसी भी बीमारी का  सम्पूर्ण समाधान माना जाता है ओर इस मे एक विशेष महत्व यह भी है की इस मे  आप को कोई साइडइफेक्ट भी नहीं होता इसलिए इस उपचार पद्धति को  मनुष्य जीवन के लिए  एक वरदान भी माना जाता है आज  आप को तीन ऐसे मेडिसन बताऊँगा  जिस से आप का  कमर दर्द  कितना भी पुराना एवम तीव्र हो सिर्फ 3 महीने  मे ठीक

1 arnica montana  या arnica mont 200  यह मेडिसिन आप हर प्रकार  के कमर दर्द  मे  मे ले  सकते है खास कर sciatica महिलाये  इसे  हर प्रकार  के कमद्र दर्द  के लिए ले

इसे आप को 2 बूंद  सुबह  ओर  शाम को अपने होमोपथिक डॉक्टर की सलाह लेना है ।

 

2 SBL की vertifine  drops  यह मेडिसन  मस्पेशिओ  मे खिचाव  स्पॉन्डालईसीस ओर  किसी प्रकार  के कमर दर्द  मे बहोत ही उपयोगी  मानी गई  है इसे आप 1/4 कप पनि मे  10 से 15 बूंद  मिलाकर  दिन मे 3 से 4 बार आवश्य ले

3 इस मे 3 अलग मेडिसन  का combination काम्बनैशन  है आप को  ruhs  tox  30 ch  ruta 30 ओर  BELLIS PERENNIS 30 ch  यह तीनों मेडिसन बराबर मात्र  मे मिलाकर  2  बूंद सुबह ओर 2 बूंद शाम  अपने डॉक्टर  की सलाह से ले

यह तीन मेडिसन  का काम्बनैशन खास कर कमर  से  पैर तक  जाने  वाले दर्द  जैसे SCITICA मे  अत्यंत लाभदायक  है  ओर इस से अगर कमर दर्द  पुराना भी हो तो 3 से 4 महीनों  के अंदर आप को पूरा आराम मिलेगा ऊपर दिए  हुए सभी medicine  अपने डॉक्टर की सलाह से ही ले ।

 हजारों  साल  से कमर  दर्द  का सबसे  रामबाण  उपाय है आयुर्वेद (aayurved treatment for lower back pain) 

मित्रों आज पूरा विश्व  भारत  के आयुर्वेद  को  मानता है हजारों  साल से  चली आरही पंचकर्म  से सभी प्रकार  के बीमारी का सम्पूर्ण  समाधान  है  पंचकर्म  ना  केवल शरीर  को रोग मुक्त रहता है बल्कि शरीर से जहरीले पदार्थ  निकल कर शरीर को स्वस्थ भी रखता है ।  सभी स्वस्थ आदमी को भी साल मे एक बार पंचकर्म करना चाहिए

कमर  दर्द  मे अत्यंत  लाभदायक  है कटी  बस्ती ( kati basti  for  lower back pain ) :

बस्ती  यह एक पंचकर्म  का  हिसा  है  आयुर्वेद मे तीन शरीर  दोष होते है  जो लाखों बीमारी  को जन्म देते है । नाभि  परीक्षण से शरीर का  दोष  पता  किया  जाता  है ओर उसके बाद  उस दोष  की  दवा  तयार की जाती  है दोष  के अनुसार  तेल तयार  किया जाता है

बस्ती मे गरम तेल से मलिस , स्टीम  बाथ  ओर एनीमा की प्रक्रिया  होती है कुछ  दवाइए  पार्श्व  भाग  से  अंदर  छोड़  कर शरीर को स्वच  किया जाता है । तेल की मालिश आप मास पेशियों  को बाहर  से  मजबूत  करता  है वही  एनीमा  के  कारण  पेट मे  रहे अपचित  पदार्थ  निकल  जाने मस्पेशियों  तनाव मुक्त  होती है ओर इसी  के कारण  किसी प्रकार के दर्द  से पूरी मुक्ति मिलती  है

मित्रों कमर दर्द  के संदर्भ मे देखा जाए तो बस्ती  एक अत्यंत  लाभदायक  है उपाय है जीसे acute lower  बैक पैन  होता है वो भी साल मे एक बार ओर खास कर बारिश के मोसम  मे बस्ती करे आप को आगे की समस्या आएगी नहीं ।

जो लोग लंबे  समय से कमर दर्द से परेशान है उन्हे आयुर्वेदा आचार्य  नाभी  परीक्षण  से बस्ती कितने दिन लेनी है वो तय  करते है अब  वह बीमारी  निर्भर  है कितने  दिन  पंचकर्म  करना पड़ेगा।

कमर दर्द ( lower back pain) के लिए योग

मित्रों योग को हजारों बीमारी का इलाज कहा जाता है । अगर आप नियमित योग करते है तो आप को कमर दर्द तो छोड़िए कोई रोग होने की संभवना नहीं है । जो लोग लंबे समय तक बैठ के या खड़े होके काम करते है ओर जिन को कमर दर्द होने की संभावना है उन सभी निरोगी लोगों को इस चार्ट के सभी योग प्रकार करना चाहिए ।  ओर जो लोग कमर दर्द से पीड़ित है उन्हे केवल 4  आसन ओर उसके उपयोग  बताऊँगा जिस से आप का कमर दर्द 3 महीने के अंदर ही पूरी तरह ठीक हो जाएगा ।

 

कमर दर्द के लिए योगा

ऊपर दिए गए सभी आसान कमर दर्द के मरीजों के लिए नहीं है इन मे से कुछ  योगासन कमर दर्द के से पीड़ित लोगों के लिए है जिसका विवरण ओर उपयोगिता नीचे है । ओर आप सभी से अनुरोध है की आप यह आसन हो सके तो योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन मे ही करे

 

 1.मकर आसन  crocodile posture for lower back pain

नीचे दिए गए विडिओ अनुसार यह आसन करे मकर आसन हमारे शरीर को पूर्ण आर्म देने का एक योगासन है इस आसन को गर्भवती महिलाये बिल्कुल न करे

 

 

 

 

मकर आसन आपके कंधों और रीढ़ के लिए गहरी छूट प्रदान करता है।

 यह अस्थमा, घुटने के दर्द और फेफड़ों से संबंधित किसी भी समस्या को ठीक कर सकता है।
 यह स्लिप डिस्क, स्पॉन्डिलाइटिस और कटिस्नायुशूल को ठीक करने में मदद करता है।
मकर  आसन कूल्हे की मांसपेशियों को फैलाता है।
यह आपके शरीर को पूरी तरह से आराम देता है और आपको तरोताजा रखता है।

2 भुजंगासन  cobra or snake posture for lower back pain :

इस आसन को करने के लिए नीचे दिए गए  भारतीय आयुश मंत्रालय की लिंक को  दखे
https://youtu.be/nRepD5QElRY
भुजंग आपकी पीठ को स्वस्थ रखने के लिए बहुत उपयोगी है।
इस आसन को व्यक्तिगत रूप से या सूर्य नमस्कार के माध्यम से अपने रीढ़ की हड्डी के क्षेत्र को मजबूत और बहुत चुस्त बनाने के लिए करे
 भुजंग  आसन आपके शरीर और रीढ़ की हड्डी को टोन सेट  कर सकता है। भुजंगासन आपके पाचन, यकृत और गुर्दे के कार्यों को भी बेहतर बनाता है

3 अर्ध मस्त्यंदर आसन  half  fish pose lower back pain

यह आसन आप के कमर की हर नर्व को मजबूत करता है  ओर रीढ़ की हड्डी का लचीला पण बढ़ता है इस आसन को स्लिप डिस्कस का एक रामबाण उपाय माना गया है यह कमर ओर कूल्हों को मजबूती प्रदान करता है । लेकिन यह आसन करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले यह हल्की स्लिप डिस्क  मे तो राहत देता है लेकिन कुछ गंभीर स्थिति मे इसका विपरीत परिणाम  भी हो सकता है
अर्ध मस्त्यंदर आसन घुटनों के दर्द मे भी लाभदायक है साथ मे यह आप के पाचन तंत्र को भी सुधारता है
गर्भवती महिलाये इस आसन को ना करे

4 सेतुबंध आसन

सेतुबंध आसन की क्रिया जानने के लिए आयुष आयुष मंत्रालय की  योग विथ प्रधान मंत्री श्री मोदीजी की लिंक देखे
https://youtu.be/xIMRYcA7TkA
गर्भवती महिलाये इस आसन को  न करे
 सेतुबंध आसन छाती, गर्दन, रीढ़ और कूल्हों को स्ट्रेच करता है।
  सेतुबंध आसन पीठ, नितंब, और हैमस्ट्रिंग को मजबूत करता है।
   रक्त के परिसंचरण में सुधार करता है।
  यह आसन  तनाव और हल्के अवसाद को कम करने में मदद करता है।
   यह आसन  मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को शांत करता है।
  इस आसन से  फेफड़ों, थायरॉयड ग्रंथियों और पेट के अंगों को उत्तेजित करता है।

निरोगी रीढ़ ओर कमर दर्द ( lower back pain ) ना हो इसके लिए कुछ खास बाते 

  60साल से ऊपर की सभी व्यक्ति को  प्रति दिन मे 1500  मिलीग्राम कैल्सीअम calcium की जरुरत होती है ।   गर्भवती स्त्री मे  भी गर्भवती महिला को दिन मे 1500  मिलीग्राम  कैल्सीअम     calcium की जरुरत होती है । 
25-50 साल की सभी महिला के लिए प्रति दिन 1000 – 1200 मिलीग्राम कैल्सीअम की जरुरत होती है ।  ओर 25- 50 साल के  पुरषो मे प्रति दिन 1000 मिली ग्राम कैल्सीअम की जरुरत होती है ।
नैसर्गिक रूप से कैल्सीअम का एक मात्र स्त्रोत दूध ही माना गया है  दिन मे 2 ग्लास दूध  करीब 600 मिली ग्राम कैल्सीअम आप को प्रदान करता है यदि आप 3 ग्लास दूध पी सकते है तो यह अच्छी बात है।   जिससे आप को पर्याप्त कैल्सीअम मिल जायगा । 
ध्यान रखे दूध केवल भारतीय देसी  गाय  का होना चाहिए अगर न मिले तो भैस का ।  पाकिट का दूध pasteurized  होता है ओर  उस मे रासायनिक पदार्थ मिले होते है इस लिए किसी भी हाल मे पॉकेट का दूध  ना  ले इस से हड्डी  पर विपरीत परिणाम होते है  ।
इस के आलवा सोया प्रोडक्ट पनीर कैल्सीअम का अच्छा स्त्रोत माना जाता है इस भी अपने भोजन मे आवश्य रखे ।
सभी लोग नियमित योग करे खास कर बाइक चलाने वाले ओर महिलाये जो  किचन मे लंबे समय तक काम करते है ।  ऐसे सभी लोग अपने शरीर का posture  बनाए रखने के लिए स्पाइन बेल्ट का उपयोग आवश्य करे जो आप की रीढ़ को अतिरिक्त आधार प्रदान करता है ।
                    स्पाइन बेल्ट के लिए click करे

गलत अवस्था मे बैठ ना, सोना ओर झुकना बंद करे। पेट के बल सोने से रीढ़ अपना नैसर्गिक आकार खो देता है इस लिए पीठ के बल ना सोये।

 

सत्य का प्रहार आरोग्य विशेष

kedar

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