महिला बवासीर के लक्षण, बवासीर में गर्म पानी के फायदे ओर बवासीर में परहेज

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महिला बवासीर image
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आज के सत्य का प्रहार हेल्थ विशेष मे हम चर्चा करेंगे महिला बवासीर के बारे मे खास कर हमारी भारतीय महिला शर्म के कारण इस पीड़ा को किसी से कह नहीं पाती। ओर इस पीड़ा को सहन करती रहती है । आज हम बवासीर मे नैच्रल स्टूल  सॉफटनर गरम पानी के फायदे भी जानेंगे   ओर विस्तार से चर्चा करेंगे महिला बवासीर के लक्षण ओर बवासीर मे परहेज  करने वाली चीजों पर । 

महिलाओ मे बवासीर कैसे होता है 

 

बवासीर सूजन है जो गुदा या निचले मलाशय की नसों में होती है। वे अक्सर मल त्याग के दौरान तनाव या लंबे समय तक बैठे रहने के कारण होते हैं। लक्षणों में खुजली, दर्द और रक्तस्राव शामिल हैं। बवासीर का इलाज घर पर ओवर-द-काउंटर दवाओं जैसे मल सॉफ़्नर और दर्द निवारक के साथ किया जा सकता है, लेकिन उन्हें हटाने के लिए कभी-कभी सर्जरी की आवश्यकता होती है।

गतिहीन जीवन शैली वाले लोगों में बवासीर बहुत आम है, और बवासीर  आमतौर पर छह सप्ताह के भीतर उपचार के बिना चले जाते हैं। बवासीर के तीन मुख्य प्रकार हैं: आंतरिक बवासीर, बाहरी बवासीर और आगे को बढ़ा हुआ आंतरिक बवासीर।

1 आंतरिक बवासीर:

 आंतरिक बवासीर  गुदा  के अंदर मलाशय को प्रभावित करता है । 

इस प्रकार के बवासीर को महसूस या देखा नहीं जा सकता है।

2 बाहरी बवासीर :

बाहरी  बवासीर गुदा के आसपास महसूस की जा सकती है । 

इस प्रकार के बवासीर काफी  दर्दनाक होती है।

3 प्रोलैप्सड आगे को बढ़ा हुआ आंतरिक बवासीर :

यह बवासीर तब होता है जब रक्त वाहिका गुदा से बाहर निकल जाती है । 

यह बवासीर गंभीर दर्द, रक्तस्राव और परेशानी पैदा कर सकती है।

नीचे महिला बवासीर images दी गयी है

  1. महिला मे होने वाला बाहरी महिला बवासीर images
  2. बवासीर के मस्से महिला बवासीर images
  3. महिला मे होने वाला आंतरिक बवासीर महिला बवासीर images

महिला बवासीर images

महिला बवासीर ओर भगन्दर मे फरक

बवासीर गुदा मे होने वाली नसों की सूजन होती है वही फिशर गुदा के बाह्य भाग पर चोट या चीर होती है । 

फिशर गुदा के पार एक पतली, लाल रेखा है, जो मलाशय या बृहदान्त्र के निचले सिरे पर पाई जा सकती है। दरारें आमतौर पर हानिरहित होती हैं, लेकिन इसके अपवाद भी हैं। वे अक्सर उन लोगों में देखे जाते हैं जिन्हें पुरानी कब्ज है, और वे रक्त को पतला करने वाली और उच्च खुराक वाली एंटीबायोटिक दवाओं जैसी कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

फिशर का सबसे आम कारण मल त्याग करने के लिए तनाव है, लेकिन वे बच्चे के जन्म जैसी शारीरिक चोट के कारण भी हो सकते हैं।

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महिला बवासीर के कारण

महिलाओं में पाइल्स सबसे आम है। महिलाओ मे बवासीर के मुख्य कारणों मे कब्ज ही है।

भारतीय महिला की बात करे तो लग भग 10 मे से 5 महिलाओ मे कब्ज की समस्या रहती है ।

कब्ज यानि पेट साफ ना होना या हार्ड स्टूल कठोर मलाशय भी बवासीर का कारण है इस से गुदा की नसों में दबाव और सूजन के निर्माण होता है बवासीर  की नसें निकल सकती हैं जो फैल सकती हैं और सूज सकती

कब्ज होने के मुख्य कारण देर रात तक जागना, पानी कम पीना होता है ।

लंबे समय तक बैठना भी महिलाओ मे बवासीर का एक मुख्य कारण भारतीय महिलाओ मे देखा गया है ।

गर्भवती महिलाओ मे गर्भावस्था के दौरान प्रोजेसटोरान हॉर्मोन बढ़ जाता है 

प्रोजेसटोरान हॉरर्मोन की वजह से कब्ज, हार्ड स्टूल ओर गुदा की नसों मे सूजन हो सकती है ।

डॉक्टर के अनुसार यह हॉरर्मोन इंटेस्टीनाल ट्रैक की यानि अन्न पचन करनी वाली गति को कभी कभी धीमा कर सकता है ।

बढ़ती उम्र भी महिला बवासीर का कारण बन सकती है । 

जादा मिर्च मसाला, जंक फूड फास्ट फूड यह बवासीर संकट को बढ़ा सकते है । 

 बवासीर बेहद दर्दनाक हो सकता है और वे रक्तस्राव का कारण भी बन सकते हैं, जो मल त्याग का परिणाम हो सकता है।

महिला बवासीर के लक्षण

बवासीर के लक्षण आमतौर पर महिलाओं में कब्ज के कारण विकसित होते हैं।

बवासीर  महिलाओं के लिए एक वास्तविक शर्मिंदगी बन सकती है क्योंकि उन्हें मल त्याग करने के लिए घंटों बाथरूम में बैठना पड़ सकता है।

शूरवाती लक्षणों मे मलाशय के सख्त होने के कारण  मल त्याग के दौरान  ने दर्द होता है।

शूरवाती लक्षणों को दुर्लक्षित किया गया तो बवासीर के मुख्य लक्षण दिखते है जैसे  गुदा या निचले मलाशय में रक्त वाहिकाओं में सूजन होती है।

गुदा मे होने वाले इस सूजन को बवासीर के मस्से कहा जाता है

 जब बृहदान्त्र ठीक से खाली नहीं होता है और गुदा के आसपास की मांसपेशियां बेहतर प्रवाह की अनुमति देती हैं

जिससे मलाशय में नसें उभारने लगती हैं।

महिलाओं में बवासीर लगभग हमेशा गुदा के निचले सिरे पर स्थित होता है।

यदि आपको बवासीर है, तो आपको खुजली, जलन, दर्द,   होता है।

बवासीर मे चिंता तब बन जाती है जब मलाशय के दौरान रक्तस्राव होता है।  जीसे खूनी बवासीर कहते है

बवासीर मे खून का निकलना , मस्से यह चिताजनक होता है इस मे डॉक्टर की सलाह आवश्यक होती है।

खूनी बवासीर के कारण  महिलाओ मे हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है । 

 खास कर माहवारी ओर बवासीर दोनों रक्त स्त्राव का समय एक हो जाए तो शरीर मे खून की कमी होती है । 

खूनी बवासीर मे कमजोरी ओर चक्कर आना जैसे लक्षण भी देखे जाते है ।

 

बवासीर का ऑपरेशन मे खर्च 

जैसे मैने शुरू मे कहा है आम तोर पर बवासीर 6 हपते के अंदर अपने आप या  दवाइए खाने के बाद कम होता है लेकिन कुछ केसेस मे यह एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है ओर ऑपरेशन तक की नौबद आती है । बवासीर मे  ऑपरेशन आज कल लेजर थेरपी से होते है । यह  ऑपरेशन दर्द देने वाले नहीं होते  लेकिन काफी महंगे होते है।इस  ऑपरेशन के बाद एक या दो दिन मे आप को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है ।

यदि आप के मन मे यह प्रश्न आरहा है की बवासीर के ऑपरेशन का खर्चा कितना आएगा आम तोर पर भारत मे बवासीर का ऑपरेशन करने क्वे लिए 35 हजार से लेकर 1 लाख तक का खर्चा आता है । बड़े अस्पताल मे तो इस ऑपरेशन का खर्च 5 लाख तक जा सकता है ।  यह आप पर निर्भर करता है की आप किस अस्पताल मे इलाज कर रहे है।हर अस्पताल का खर्चा अलग हो सकता है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की स्कीम पीएम जन आरोग्य योजना का लाभ भी कुछ अस्पताल मे आप को मिल सकता है । यदि आप का नाम इस योजना मे है तो । 

ऑपरेशन नहीं है बवासीर का  समाधान 

मेरे हिसाब से बवासीर एक रोग से जादा एक गलत जीवन शैली का परिणाम है ।  ऑपरेशन हो या बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक उपचार हो या यह तब तक काम मे नहीं आएगा जब तक आप आपनी जीवन शैली न सुधारे। यदि आप की जीवन शैली ओर खान पान की आदत नहीं बदलती है तो आप पर कोई उपचार व्यर्थ है आप को आपकी दो आदत सुधारणी आवश्यक है उसमे एक आप को आप बावसीर कुछ चीजों का परहेज करना पड़ेगा।  ओर दूसरी बात आप को यह ध्यान मे रखना होगा की आप को शोच नियमित हो ओर ओर कठिन न बने यदि आप आपकी शोच की समस्या हल करने मे कामयाब होते हो तो यकीन माने 100% आप बवासीर से मुक्त रहोगे यह बात मै किताबी या डॉक्टर की तरह नहीं बलकि स्वयं अनुभव से कर रहा हु ।    

मित्रों बवासीर को जड़ से खत्म करने के लिए शोच का सॉफ्ट होना बहोत जरूरी है ।  मै  पहेले हल्के लक्षण वाले मरीजों  को कहना चाहता हु बाजार से कोई भी महंगी बवासीर की अंग्रेजी दवा खाने से पहेले आप आपके घर मे उपलब्ध नैच्ररल  स्टूल सॉफटनर यानि गरम पानी का उपयोग करे जानते है बवासीर मे गरम पानी  आप को किस प्रकार फायदा देता है

बवासीर में गर्म पानी पीने के फायदे

दोनों महिला ओर पुरुष  बवासीर मे गरम पानी अत्यंत लाभदायक होता है देखते है गरम पानी के पाइल्स मे फायदे

बावसीर मे गरम पानी पीने के फायदे 

बवासीर के त्रस्त  मरीजों को रात के सोते समय ओर सुबह कुछ भी शोच के पहेले गरम पानी पीना जरूरी है

गरम पानी से होने वाला सबसे बड़ा फायदा यह है की यह पेट के अंदर  जंक फूड चिपकने नहीं देता

यह जंक या फूड मैदा जैसे चीजों  आसनी से बाहर निकाल कर  कब्ज से राहत देता है ।

गरम पानी पीने से आप का शोच कठिन नहीं बनता यह शोच को मृदु  बनाकर एक स्टूल सॉफटनेर का कम करता है ।

आप का शोच आसानी से निकलने लगे तो आप का बवासीर खत्म ही समझे

यदि मै यह कहू तो गलत नहीं होगा की बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज है गरम पानी ।

बावसीर मे गरम पानी पीने आप का पेट, आंत, ओर आंत यात  यानि इंटेसटीऑनल  ट्रैक धूल जाते है।

आप गरम पानी सीधा पी सकते है यदि नींबू ओर सिनधा नमक मिला कर पिए तो यह ओर भी जादा  अच्छा होगा

आप को जितना हो सके उतना गरम पानी पीना है

यह आप के बवासीर के साथ साथ आप की चर्बी कम कर वजन घटाने मे भी मदत करेगा

बावसीर मे गुदा के धोने ओर सेख के फायदे

बावसीर के मरीजों के लिए गरम पानी ओर भी लाभदायक है जैसे खूनी बवासीर फिशर ओर बावसीर के मस्से को नहाते समय ठीक से धोया नहीं जाता पानी अंदर तकनहीं खून शोच बार बार लगने की वजह से वहा नियमित रूप से इन्फेक्शन बढ़ता है ।  आप को  दिन मे कम से कम 4 बार एक बड़े पतेले मे गरम पानी डेटोल या कोई भी दिससेनफेकटेंट डाल कर बैठ ना है जिस से आप की गुदा के अंदर तक पानी जाए इसेसे आप को यह फायदे होंगे

  • गरम पानी से से गुदा को ओर बावसीर के मस्से को सेख मिलेगा जिस से दर्द कम होगा
  • गरम पानी से गुदा साफ करने से जमा हुआ खून धूल जाएगा ओर इन्फेक्शन नहीं होगा
  • खून ओर शोच से मस्से पर चिपकने से असह्य दर्द होता है गरम पानी से धोने पर ओर उस मे बैठ ने से दर्द काफी  कम होता है

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बवासीर में परहेज

सभी प्रकारे के पाइल्स, बवासीर ओर  फिशर  मे कुछ परहेज करना होगा वो खान पान ओर आप की आदतों मे ओर यह महिला ओर पुरुष दोनों के लिए जरूरी है । आज मै आप को 10 ऐसी चीजे बताऊँगा जो आप को बवासीर पूरी तरह खत्म होने परहेज करनी ही होगी ओर यही आप के लिए बवासीर का एकमात्र रामबाण उपाय होगा । 

नहीं तो आप कितनी भी दवाइ लीजिए आप राहत नहीं मिलगी।

1. मासाआहार (नॉन वेज) 

  • मास,मच्छी, चिकन ओर  मटन यह सभी पेट की बीमारी के लिए हानिकारक है ।
  • आयुर्वेद  के अनुसार  मासा आहार को पचन करने के लिए  मानवी शरीर को  को 72 घंटे का समय लगता है ।
  • 72 घंटे तक मासा आहार आप के आंत यात  यानि इंटेसटीऑनल  ट्रैक मे रहता है ओर ओर उसे धीमा करता है ।
  • परिणाम स्वरूप आप को कब्ज, कठिन शोच की समस्या होती है ओर यह आप के बवासीर को बढ़ाते  रहती है ।
  • आप को सभी प्रकार के नॉन वेज फूड का बवासीर मे परहेज करना है ।

2. गरम मिर्च मसाला

  • सभी प्रकार के चीजे जो पेट मे गर्मी पैदा करती वो नहीं खानी
  • लाल मिर्च से आप को  जितना हो सके  परहेज करनी है ।
  • काली मिर्च भी नहीं खानी ।
  • सब्जी मसाला, सांभर मसाला या अन्य कोई भी मसाला  नहीं खाना  है ।
  •  हरी या लाल मिर्च आप को कच्ची नहीं खानी इस से तो पूरी तरह परहेज करना है ।
  • हल्दी का उपयोग जादा करे दूध  मे हल्दी डाल कर पीने से आप को बवासीर मे फायदा होगा

3.  पेट मे गर्मी पैदा करने वाले सब्जी 

  • कच्चा आदरक नहीं खाना है ।
  • कच्चा प्याज नहीं खाना परहेज करना है ।
  • लसुन से कोई बवासीर का इलाज नहीं होता इलाज हॉस्पिटल मे होता है
  • बवासीर मे कच्चा लसुन पूरी तरह परहेज करे ।
  • यह सभी पदार्थ आप की पेट की गर्मी को बढ़ाते है ।
  • आप सब्जी मे तला हुआ खा सकते है ।
  • लेकिन कच्चा खाने मे आप को 100% परहेज करना है ।

4. मैदा ओर मैदा से बने हुए पदार्थ 

  • मैदा से बने पदार्थ आप के इंटेसटीऑनल  ट्रैक मे चिपके रहते है ओर शोच मे समस्या पैदा करते है ।
  • मैदा से बना हुआ बिस्किट नहीं खाना
  • बरडे, खारी जैसे  पदार्थ नहीं खाने
  • मैदा से बनी रोटी ओर आदि  पदार्थ बवासीर ठीक होने तक परहेज करे

5. दारू ओर शराब 

  • शराब सभी प्रकार के रोगों मे हानिकारक होती है । 
  • शराब आप की रक्त के बहाव को बढ़ता है जो खूनी बवासीर मे दिक्कत दिक्कत पैदा करता है । 
  • दारू शराब आप के पेट मे गर्मी बढ़ाते है ओर बावसीर को ओर दर्दनाक करते है ।  
  • वाइन दारू शराब बिल्कुल नहीं पीनी । 
  • बियर से भी पूरी तरह परहेज करे । 

6. तंबाकू जन्य पदार्थ 

  • तंबाकू जन्य पदार्थ हर बीमारी मे बुरे असर करते है । 
  • यह आप के पेट गर्मी पैदा कर आप की बवासीर की जलन को बढ़ाते है । 
  • बवासीर बीड़ी , सिगरेट का सेवन ना करे । 
  • खैनी, तंबाकू न खाए । 
  • गुटखा पान मसाला से पूरी तरह परहेज करे । 
  • यह पाइल्स के साथ साथ आप के निजी जीवन मे भी अच्छा रहेगा । 

7. दाल  

  • आप को उन डाल से परहेज करना है जो पेट की गर्मी को बढ़ता है । 
  • तुर की दाल से परहेज करे यह पेट मे गर्मी पैदा करती है । 
  • चना दाल ओर मसाला चना से भी परहेज करे । 
  • उदीड की दाल से परहेज करे आप मूंग की दाल खा सकते है । 

8. तला  हुवा

  • तला हुआ ओर असिडिटी बढ़ाने वाले पदार्थ न खाए 
  • पकोड़े, भजिया आप की असिडिटी बढ़ा देती है ओर शोच मे समस्या निर्माण करते है । 
  • पकोड़े भजिया से बवासीर मे पूरी तरह परहेज करे 
  • समोसा, कचोरी से पूरी तरह परहेज करे । 
  • चाट भेल पानी पूरी से बवासीर का दर्द बढ़ेगा इसे पूरी तरह से परहेज करे । 

9 लंबे समय तक बैठने से परहेज करे 

  • लंबे समय तक बैठना आप के बवासीर के मस्से ओर गुदा पर तनाब बढ़ता है ओर दर्द बढ़ा देता है । । 
  • एक जगह 2 घंटे से अधिक तर बैठने से परहेज करे । 
  • गलत अवस्था मे बैठने से परहेज करे जिस से गुदा ओर बवासीर के मस्से पर तान न आए।  
  • ऑफिस मे कम करते समय एक ही अवस्था मे न बैठे बीच बीच मे थोड़ा वॉक ले । 

10. बाइक राइडिंग ओर कार ड्राइविंग 

  • आप से जितना हो सके उतना बाइक राइडिंग ओर कार ड्राइविंग से परहेज करे । 
  • दो घंटे से जादा ड्राइविंग ओर राइडिंग न करे थोड़ा ब्रेक ले । 
  • धूप मे पार्क बाइक गरम सीट पर अचानक न बैठे उसे । 
  • कार या बाइक सीट को कठोर न रखे उसमे मुलायम सीट कवर आवश्य रखे । 

महिला बवासीर ओर पुरुष बवासीर मैं अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ओर उनके  जवाब

 

सवाल ; बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज

उत्तर : इलाज  आप के रोग की तीव्रता पर निर्भर करता है वैसे तो हल्के लक्षणों वाला बवासीर बिना किसी इलाज ओर कुछ चीजे परहेज करने से बिना दवा ठीक होता है । बवासीर का रामबाण आयुर्वेदिक इलाज के तोर पर बैद्यनाथ  की पाइल्स रेलिफ़ किट की दवा है इस किट मे बैद्यनाथ की तीन दवा आती है 

1 sidipiles  50 tab सीडी पाइल्स 50 

2 abhayamitra 450ml अभयमित्र सिरप 

3 jatyadai tel 50 ml जात्यदी तेल 

बवासीर के लिए पतंजलि की :

पतंजलि स्वसारी बटी पतंजलि की अच्छी दवा है । 

 

 

सवाल  ; महिला  बवासीर के मस्से हटाने वाली क्रीम बताए 

बावसीर के मस्से हटाने, फिशर इन सब मे 100% रिजल्ट देनी वाली आयुर्वेदिक क्रीम है श्री श्री पायलमुक्ति  SHRI SHRI PAYLMUKTI 

यह सबसे परिणांकरक  ओर  सस्ती  क्रीम है । ओर यह महिला ओर पुरुष दोनों मे काम करती है इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं है । 

सवाल ; खूनी बवासीर का रामबाण उपाय बताए 

उत्तर वर्षों से debco mixture piles यह होमोपाथी की दवा खूनी बवासीर पर 100% कारगर है

सवाल :  बवासीर मे दूध पीना चाहिए या नहीं 

उत्तर : दूध हर बीमारी मे पीना चाहिए दूध मे प्रोटीन होता है ।यदि आप को देसी गाय का दूध मिले तो उत्तम ओर रात को दूध मे हल्दी डाल कर पीने से बवासीर के दर्द मे आराम मिलेगा हल्दी मे बेहद आऊषधि गुण होते है । यह आप के पैन किलर की तरह काम करती है । हल्दी मे एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इंफलमेंटरी गुण होते है दूध मे हल्दी मिला कर पीने से बवासीर के मस्से ओर अंदुरुणी चोट फिशर के घाव भरने मे आप को मदत मिलेगी  

 

मित्रों आज का सत्य का प्रहार हेल्थ विशेष महिलाओ के लिए था लेकिन पुरुषों के लिए भी हर एक चीज लागू होती है । जो महिला बवासीर से जूनज रही है उनसे सत्य का प्रहार विशेष आग्रह करता है की शर्माना नहीं है घबराना नहीं । डॉक्टर को देखना है बवासीर ओर बवासीर के मस्से को जड़ से मिटाना है । जैसे हमारे प्रधान मंत्री कहते है “सशक्त नारी सशक्त देश”


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